यह मंत्र भगवान धन्वंतरि को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी मंत्र है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद के देवता तथा भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इस मंत्र का जाप उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, समृद्धि तथा सभी प्रकार के रोगों और भय के निवारण के लिए किया जाता है। विशेष रूप से धनतेरस के पावन अवसर पर इस मंत्र का जप अत्यंत फलदायी माना गया है, क्योंकि यही दिन भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
मंत्र (Mantra) :
“ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये।
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय।
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय।
श्री धन्वंतरि स्वरूपाय श्री श्री श्री औषधचक्राय नारायणाय नमः॥”
मंत्र जाप के लाभ
✔️ उत्तम स्वास्थ्य – शारीरिक व मानसिक रोगों से मुक्ति
✔️ रोग निवारण – दीर्घकालिक बीमारियों में सहायक
✔️ भय और चिंता से मुक्ति
✔️ समृद्धि व धन-धान्य की प्राप्ति
✔️ औषधि के प्रभाव में वृद्धि (दवा लेने से पहले जप करने पर)
विशेष मान्यता
यह मंत्र धनतेरस, गुरुवार, एकादशी या रोगावस्था में प्रतिदिन जप करने से विशेष फल देता है। ऐसा माना जाता है कि यह मंत्र स्वयं “औषधि चक्र नारायण” का आह्वान करता है।


