राहु बीज मंत्र “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” का जाप करने से राहु ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।
मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
लाभ (Benefit):
- नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा: यह मंत्र बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाव करता है।
- कर्मों के दुष्प्रभावों में कमी: अतीत के बुरे कर्मों के प्रभाव को कम करने में सहायक है।
- भौतिक सुखों की प्राप्ति: मंत्र का नियमित जाप भौतिक इच्छाओं की पूर्ति में मदद करता है।
- आभा मंडल की मजबूती: यह मंत्र व्यक्ति के आभा मंडल को सशक्त बनाता है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है।
- शत्रुओं पर विजय: बुद्धिमानी से शत्रुओं का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।
जाप विधि (Chanting Method):
- समय: सूर्यास्त के बाद या रात के समय जाप करना उत्तम माना जाता है।
- दिशा: दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- माला: रुद्राक्ष माला का उपयोग करें।
- स्नान: जाप से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- आसन: शुद्ध और शांत स्थान पर काले कपड़े का आसन बिछाकर बैठें।
- संकल्प: मंत्र जाप का उद्देश्य स्पष्ट करें और संकल्प लें।
जाप संख्या (Chant Number):
- राहु बीज मंत्र का 40 दिनों में 18,000 बार जाप करना चाहिए।
- प्रतिदिन 108 बार जाप करना भी लाभकारी है।
विशेष सुझाव (Special Tips):
- शनिवार की रात को जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है।
- जाप के दौरान मन को एकाग्र रखें और श्रद्धा भाव से करें।
- जाप समाप्ति के बाद राहु ग्रह से संबंधित दान, जैसे काले तिल, सरसों का तेल, उड़द दाल आदि का दान करना शुभ होता है।
नियमित और विधिपूर्वक इस मंत्र का जाप करने से राहु ग्रह के अशुभ प्रभावों में कमी आ सकती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव हो सकते हैं।
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