माता पार्वती की कृपा से परिवार में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति बनी रहती है।
पार्वती माता की आरती का महत्व (Importance of Aarti of Goddess Parvati)
माता पार्वती को आदिशक्ति और जगजननी के रूप में पूजा जाता है। जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से नित्य उनकी आरती सुनता और पूजा करता है, उसके जीवन से संकट दूर हो जाते हैं और सफलता के नए मार्ग स्वतः खुलने लगते हैं। माता की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और हर कार्य में शुभता बनी रहती है।
ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare Aarti)
पार्वती माता की आरती (Parvati Mata ki aarti)
ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता।
ॐ जय पार्वती माता॥
अरिकुल पद्म विनाशिनि जय सेवक त्राता, जग जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता।
ॐ जय पार्वती माता॥
सिंह का वाहन साजे, कुण्डल है साथा, देव बंधू जस गावत, नृत्य करत ताथा।
ॐ जय पार्वती माता॥
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नाम सती कहलाता, हेमांचल घर जन्मी, सखियन संग राता।
ॐ जय पार्वती माता॥
शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता, सहस्त्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा।
ॐ जय पार्वती माता॥
सृष्टि रूप तुही जननी शिवसंग रंगराता, नन्दी भृंगी बीन लाही है हाथन मदमाता।
ॐ जय पार्वती माता॥
देवन अरज करत हम कवचित को लाता, गावत दे दे ताली, मन में रंगराता।
ॐ जय पार्वती माता॥
श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता, सदा सुखी नित रहता, सुख सम्पत्ति पाता।
ॐ जय पार्वती माता॥
ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता।
ॐ जय पार्वती माता॥
ॐ नीलकण्ठेश्वराय नमः मंत्र (Om Neelkantheshwaraya Namah Mantra)
पशुपतिनाथ मंत्र (Pashupatinath Mantra)
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