माँ नर्मदा की आरती उनके शुद्ध और पावन जल, उद्धारकारी स्वरूप और अक्षय पुण्यदायिनी शक्ति को समर्पित है। विद्यां ददाति विनयं (Vidya Dadati Vinayam) माँ नर्मदा की महिमा (Glory of Mother Narmada) माँ नर्मदा का अवतरण भगवान शिव की कृपा से हुआ था। चारों वेदों में नर्मदा नदी की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है। Read More
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भाई दूज की आरती (Bhai Dooj ki Aarti)
भाई दूज का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के स्नेह और अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहन को स्नेह स्वरूप उपहार प्रदान करते Read More
आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) एक अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान सूर्य (आदित्य) की स्तुति में रचित है। यह स्तोत्र महर्षि अगस्त्य द्वारा श्रीराम को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए उपदेश स्वरूप दिया गया था। इसके नियमित पाठ से व्यक्ति का हृदय (मन और आत्मबल) मजबूत होता है और Read More
श्री विश्वकर्मा जी की आरती का महत्व (Importance of Shri Vishwakarma Aarti) हिन्दू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य वास्तुकार, शिल्पकार और निर्माण कला के अधिष्ठाता देवता माना जाता है। वे सृजन, वास्तुकला, इंजीनियरिंग, तकनीकी ज्ञान, हस्तकला और निर्माण कार्यों के देवता हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार स्वर्गलोक, द्वारकापुरी, इंद्रपुरी, पुष्पक विमान तथा Read More
श्री चित्रगुप्त जी की आरती का महत्व (Importance of Shri Chitragupta ji’s Aarti) श्री चित्रगुप्त जी की आरती का पाठ करने से भक्तों को धर्म के रक्षक भगवान चित्रगुप्त का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। कैला देवी चालीसा (Kaila Devi Chalisa) भगवान Read More
शीतला माता की आरती का महत्व (Importance of Sheetla Mata Aarti) शीतला माता की आरती का पाठ करने से भक्तों की आस्था और भक्ति बढ़ती है, जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती है। राम सिया राम भजन (Ram Siya Ram Bhajan) शीतला माता अपने भक्तों के तन और मन को शीतल Read More
श्री कुंजबिहारी जी की आरती का महत्व (Importance of Shri Kunjbihari Ji’s Aarti) आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) भगवान श्रीकृष्ण के अनेक स्वरूपों में से एक अत्यंत प्रिय स्वरूप है श्री कुंजबिहारी जी। “कुंजबिहारी” का अर्थ है – वे भगवान जो वृंदावन के कुंजों और उपवनों में विहार करते हैं। यह नाम विशेष रूप Read More
शनिदेव की कृपा से व्यक्ति को कार्यों में सफलता मिलती है और सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है। उनकी आराधना से जीवन में स्थिरता, सुख और समृद्धि का संचार होता है। श्रीकृष्ण जी की आरती (Shree Krishna ji ki Aarti) शनिदेव नवग्रहों में एक प्रमुख ग्रह माने जाते हैं। कहा जाता है Read More
हनुमान जी की आरती का महत्व (Importance of Hanuman Ji’s Aarti) हनुमान जी की आरती के नियमित पाठ से मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। उन्हें कलयुग में सभी कष्टों को दूर करने वाला देवता माना गया है। ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare Aarti) हनुमान जी की Read More
भक्तिमयता और श्रद्धा से भरपूर “ॐ जय जगदीश हरे” आरती भगवान विष्णु की स्तुति का एक सुंदर माध्यम है। इस आरती के मधुर स्वर न केवल मन को शांति प्रदान करते हैं बल्कि पूरे वातावरण को भी पवित्र और सकारात्मक बना देते हैं। ॐ नीलकण्ठेश्वराय नमः मंत्र (Om Neelkantheshwaraya Namah Mantra) “ॐ जय जगदीश हरे” Read More

