रविवार की विशेष आरती “आरती कीजै सूर्य भगवान की” का पाठ करके भगवान सूर्य का आशीर्वाद प्राप्त करें और जीवन में ऊर्जा, तेज़ और समृद्धि का संचार करें। ॐ असतो मा सद्गमय मंत्र (Om Asato Ma Sadgamaya Mantra) रविवार की आरती का लाभ (Benefits of Sunday Aarti) रविवार के दिन सूर्य देव की इस आरती Read More
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शारदा जी की आरती (Sharda ji ki Aarti)
मां शारदा की आरती का नियमित रूप से पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सृजनात्मकता, बुद्धिमत्ता और विवेक का विकास होता है। यह आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्रदान करती है। Saraswati Mata Ki Aarti : सरस्वती मां की आरती, ॐ जय सरस्वती माता मां शारदा की आरती का लाभ (Benefits of Read More
तुलसी माता की आरती (Tulsi Mata Aarti)
तुलसी माता की आरती का नियमित पाठ करने से भक्तों को मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। यह न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है बल्कि घर में सकारात्मकता और समृद्धि भी लाती है। रुद्र हनुमान मंत्र – ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय मंत्र (Rudra Manuman mantra – Om namo hanumate Read More
णमोकार मंत्र (Namokar Mantra)
णमोकार मंत्र (Namokar Mantra), जिसे नवकार मंत्र या पंच परमेष्ठी मंत्र भी कहा जाता है, जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र मंत्र है। यह किसी व्यक्ति विशेष या देवता की स्तुति नहीं करता, बल्कि जैन धर्म के पांच सर्वोच्च पदों को नमन करता है। ॐ अघोरेभ्यो अथ घोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः सर्वेभ्यः सर्वशर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररूपेभ्यः।। णमोकार Read More
सोमवार की आरती (Somvaar ki Aarti)
सोमवार व्रत आरती के माध्यम से भगवान शिव की अनंत कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बगलामुखी मूल मंत्र (Baglamukhi Mool mantra): सोमवार व्रत आरती का महत्व (Importance of Monday Vrat Aarti) भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए सोमवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धा Read More
भगवद् गीता की आरती का गायन व्यक्ति को भगवान की भक्ति में लीन करता है और उसे आध्यात्मिक शांति और आत्मज्ञान प्राप्त करने में सहायता करता है। ॐ नमो हनुमते भय भंजनाय मंत्र (Om Namo Hanumate Bhaybhanjanaya Mantra) श्री भगवद् गीता की महिमा (Glory of Shri Bhagavad Gita) श्रीमद् भगवद् गीता सम्पूर्ण मानव जाति के उद्धार Read More
माँ नर्मदा की आरती उनके शुद्ध और पावन जल, उद्धारकारी स्वरूप और अक्षय पुण्यदायिनी शक्ति को समर्पित है। विद्यां ददाति विनयं (Vidya Dadati Vinayam) माँ नर्मदा की महिमा (Glory of Mother Narmada) माँ नर्मदा का अवतरण भगवान शिव की कृपा से हुआ था। चारों वेदों में नर्मदा नदी की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है। Read More
भाई दूज की आरती (Bhai Dooj ki Aarti)
भाई दूज का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के स्नेह और अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहन को स्नेह स्वरूप उपहार प्रदान करते Read More
आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) एक अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान सूर्य (आदित्य) की स्तुति में रचित है। यह स्तोत्र महर्षि अगस्त्य द्वारा श्रीराम को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए उपदेश स्वरूप दिया गया था। इसके नियमित पाठ से व्यक्ति का हृदय (मन और आत्मबल) मजबूत होता है और Read More
श्री विश्वकर्मा जी की आरती का महत्व (Importance of Shri Vishwakarma Aarti) हिन्दू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य वास्तुकार, शिल्पकार और निर्माण कला के अधिष्ठाता देवता माना जाता है। वे सृजन, वास्तुकला, इंजीनियरिंग, तकनीकी ज्ञान, हस्तकला और निर्माण कार्यों के देवता हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार स्वर्गलोक, द्वारकापुरी, इंद्रपुरी, पुष्पक विमान तथा Read More

