
“श्रीलक्ष्मी हयवदन रत्नमाला स्तोत्रम्” एक अत्यंत दुर्लभ और गूढ़ स्तोत्र है जो भगवान हयग्रीव (अश्वमुख विष्णु) की स्तुति में रचा गया है। यह स्तोत्र वेदों, उपनिषदों, महाभारत (शांतिपर्व), पुराणों और ब्रह्मसूत्र जैसे दिव्य ग्रंथों के सार को समेटे हुए है। भगवान हयग्रीव को ज्ञान, वाणी, और वेदों के संरक्षक के रूप में माना जाता है। Read More

