भगवान दत्तात्रेय त्रिदेव — ब्रह्मा, विष्णु और शिव — के संयुक्त अवतार हैं। वे ज्ञान, योग, भक्ति और तप की मूर्ति माने जाते हैं। “दत्तात्रेय” नाम दो भागों से बना है: “दत्त” यानी जिन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया, और “आत्रेय” यानी अत्रि ऋषि के पुत्र। उनका स्वरूप तीन मुख और छह भुजाओं वाला होता Read More
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Hindi Mantra and Bhajan
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- अन्यथा शरणं नास्ति त्वमेव शरणं मम मंत्र (Anyatha Sharanam Nasti Tvameva Sharanam Mama Mantra) – अर्थ, महत्व, लाभ एवं जप विधि
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- ॥ श्री वेंकटेश सुप्रभातम् ॥ – भगवान श्री वेंकटेश्वर को जगाने वाला दिव्य प्रभात स्तोत्र (Shri Venkatesha Suprabhatam – The Divine Morning Hymn to Awaken Lord Venkateshwara)
