
श्री स्तोत्र का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों विष्णु पुराण और अग्नि पुराण में मिलता है। ऐसा कहा गया है कि महर्षि पुष्कर ने परशुराम जी को बताया था कि भगवान इन्द्र ने देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने और उन्हें इन्द्रलोक में स्थिर करने हेतु इस स्तोत्र का पाठ किया था। इस स्तोत्र के प्रभाव से देवी Read More

