ॐ ऐं श्रीं भाग्योदयं कुरु कुरु श्रीं ऐं फट् मंत्र (Om Aim Shreem Bhagyodayam Kuru Kuru Shreem Aim Phat) इस मंत्र का भाग्य उदय करने वाला मंत्र कहते हैं इस मंत्र के जाप से जाप करने वालों का भाग्य जागृत हो जाता है। मन्त्र के लाभ (Benefits of Mantra) मंत्र का रोजना और नियम के Read More
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काल भैरव भगवान शिव के अवतार हैं और यह मंत्र उन्हीं को समर्पित है। ऐसा मन जाता है ये अवतार भगवान शिव ने सृष्टि आरंभ में लिया था और ब्रम्हा का पंच शिर भी काल भैरव जी ने ही काटा था। मन्त्र के लाभ इस मंत्र के नियम जाप से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते Read More
ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्। यह मंत्र शनि देव को समर्पित है, शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, वो लोगों को उनके कर्म के अनुसार फल देते हैं। मंत्र का अर्थ (Meaning of Mantra) जिनका शरीर नीला है। जो देवी छाया और भगवान सूर्य देव के पुत्र हैं। Read More
ॐ दुं दुर्गायै नमः (Om Dum Durgayei Namaha) यह मंत्र शक्ति की देवी मां दुर्गा को समर्पित है और उनकी आराधना और पूजा में प्रयोग किया जाता है। इस मंत्र का पथ करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और दुख दर्द और बुरे समय का अंत हो जाता है। मंत्र के लाभ (Benefits Read More
ॐ अन्तरिक्षाय नमः या अन्तरिक्षाय स्वाहा मंत्र
यह इच्छापूर्ती मंत्र है इस मंत्र का नियम अनुसार जाप या पाठ करने से मनुष्यों की सभी इक्छा पूरी होती है. इस मंत्र में अंतरिक्ष का आवाहन किया जाता है और अंतरिक्ष के देवता भगवान गणेश को माना जाता है तो इस मंत्र में भगवान गणेश का ध्यान किया जाता है.
ॐ बालशिवाय विद्महे काली पुत्राय धीमहि तन्नो बटुक प्रचोदयात्
इस मंत्र को बाल शिव मंत्र भी कहते हैं इस मंत्र का जाप करने से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है। यह मंत्र गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बहुत ही शुभ फलदायक है।
ऊं देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते. देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत: मंत्र के फायदे (Benefits of Mantra) इस मंत्र का जाप गुणवान संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसके जाप से भगवान कृष्ण के समान संतान की प्राप्ति होती है। अगर आप गुणवान और स्वस्थ संतान चाहती हैं तो गर्भावस्था के दौरान रोजाना Read More
ॐ बागेश्वराय वीर वीराय हूँ फट स्वाहा
यह मंत्र बागेश्वर धाम बालाजी (हनुमान जी) को समर्पित है। इस मंत्र के जाप से भक्तों को बालाजी भगवान की कृपा मिलती है और उनके कष्टों का अंत हो जाता है।
यह भजन भगवान कृष्ण को समर्पित है और इसमें श्री कृष्ण की महिमा का गान किया गया है। इस भजन में कृष्ण के जन्म, यवावस्था और गीता उपदेश को भजन के माध्यम से बताया गया है। सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे,तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥हे नाथ Read More

