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मां कालरात्रि मंत्र (Maa Kalratri Mantra)

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मां कालरात्रि की पूजा विधि, भोग, मंत्र और आरती नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। यह देवी का सबसे उग्र और शक्तिशाली रूप माना जाता है। मान्यता है कि इनकी उपासना से साधक निडर बनता है और सभी प्रकार की बाधाओं, बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से Read More

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मां कात्यायनी मंत्र (Maa Katyayani Mantra)

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मां कात्यायनी की पूजा विधि, भोग, मंत्र और आरती नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप शक्ति और युद्ध का प्रतीक है, जिसे माता ने महिषासुर का वध करने के लिए धारण किया था। देवी कात्यायनी को ऋषि कात्यायन की पुत्री के रूप में जाना जाता Read More

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मां स्कंदमाता मंत्र (Maa Skandamata Mantra)

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मां स्कंदमाता की पूजा विधि, भोग, मंत्र और आरती नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। यह देवी भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण स्कंदमाता कहलाती हैं। पुराणों में वर्णित है कि इनकी पूजा करने से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है और Read More

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मां कूष्मांडा मंत्र (Maa Kushmanda Mantra)

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नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इनका नाम दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘कूष्म’ (कुम्हड़ा या कद्दू) और ‘अंड’ (ब्रह्मांड)। मान्यता है कि मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए इन्हें सृष्टि की जननी भी कहा जाता है। मां कूष्मांडा देवी Read More

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मां चंद्रघंटा मंत्र – नवरात्रि के तीसरे दिन की देवी (Chandraghanta ka Mantra)

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नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी का यह स्वरूप शक्ति, साहस और शांति का प्रतीक है। माँ चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र का घंटे के रूप में विराजमान होना ही उनके नाम का कारण है। उनका स्वरूप अत्यंत दिव्य, मोहक और चमकीले स्वर्ण के समान है। माँ चंद्रघंटा का Read More

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मां ब्रह्मचारिणी देवी मंत्र (Maa Brahmacharini Devi Mantra)

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नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप श्वेत (सफेद) ज्योतिर्मय प्रकाश से युक्त है। इनका नाम “ब्रह्मचारिणी” इस बात का प्रतीक है कि इन्होंने भगवान शंकर को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप त्याग, तपस्या और Read More

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माँ शैलपुत्री: नवरात्रि के प्रथम दिवस की अधिष्ठात्री देवी (Maa Shailputri Mantra)

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नवरात्रि का शुभारंभ माँ शैलपुत्री की पूजा से होता है। माँ शैलपुत्री नवरात्रि की प्रथम शक्ति मानी जाती हैं और उनकी पूजा से साधक को मानसिक शांति, शक्ति और स्थिरता प्राप्त होती है। “शैलपुत्री” का अर्थ है “पर्वतराज हिमालय की पुत्री”। माँ शैलपुत्री ही पूर्व जन्म में सती थीं, जिन्होंने यज्ञ कुंड में आत्मदाह किया Read More

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आपदुन्मूलन श्री दुर्गा स्तोत्रम् – (Aapadunmoolana Sri Durga Stotram)

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आपदुन्मूलन दुर्गा स्तोत्रम् माँ दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है। इसका नियमित रूप से श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करने से जीवन के समस्त कष्ट, दुख और पीड़ा समाप्त हो जाती है। जिन व्यक्तियों के वैवाहिक जीवन में कठिनाइयाँ आ रही हों, उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है। Read More

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अन्गारका स्तोत्रम (Angaraka Stotram)

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अंगारक स्तोत्रम (Angaraka Stotram) एक पवित्र स्तोत्र है जो अंगारक ग्रह यानी मंगल (भौम) देव की स्तुति के लिए रचा गया है। इसे नियमित रूप से पाठ करने से मंगल ग्रह से संबंधित दोष, ऋण, रोग, दुर्भाग्य और दरिद्रता का नाश होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस स्तोत्र में मंगल ग्रह के Read More

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अनादी कल्पेश्वर स्तोत्र (Anadikalpeshvara Stotram)

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अनादिकल्पेश्वर स्तोत्र भगवान शिव की महिमा का वर्णन करने वाला एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इसमें भगवान शिव के अनादि (जिसका कोई आदि या प्रारंभ नहीं हो) स्वरूप की स्तुति की गई है। इस स्तोत्र के पाठ से भक्तों को सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है और भगवान शिव की कृपा सदैव Read More