“जिव्हा स्तोत्र” एक अत्यंत पवित्र और शिक्षाप्रद स्तोत्र है,जो हमारी वाणी (जिह्वा) की शुद्धता और सदुपयोग का संदेश देता है।जैसे मन के विचार हमारे कर्मों का आधार बनते हैं,वैसे ही जिह्वा से निकले शब्द हमारे जीवन का स्वरूप तय करते हैं। जिव्हा स्तोत्र (Jivha Stotra) – जिव्हा प्रार्थना (Jivha Prathna) मत्प्रिय सखी मत्जिव्हे मयप्नुकंपां कुरुष्व Read More
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‘सहस्त्रबाहु’ नाम से विख्यात राजा श्री कार्तवीर्य अर्जुन का नाम हिन्दू पुराणों में वीरता, अद्भुत शक्ति, अहंकार और अंततः धर्मपथ पर लौटने की कथा के रूप में मिलता है। वे नर्मदा नदी के किनारे स्थित महिष्मती नगरी के हैहय वंश के राजा थे। राजकथा व महायुद्ध – कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्त्रबाहु) और परशुराम जन्म व वरदान Read More

प्राचीन हिन्दू इतिहास और पुराणों में आज भी गर्व से सुनाई जाती है वह कथा जिसमें एक शक्तिशाली राजा और एक तपस्वी दण्डधारी ब्राह्मण के बीच हुआ भयंकर युद्ध वर्णित है।यह है कहानी कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्त्रबाहु) और भगवान परशुराम की — जिसमें केवल युद्ध नहीं, बल्कि कर्म, धर्म, अहंकार और पुनर्स्थापना का गहरा संदेश छिपा Read More

हिंदू धर्म में जीवन केवल एक बार का नहीं माना गया है। हर आत्मा अनंत यात्राओं से गुजरती है, और हर जन्म उस यात्रा का एक पड़ाव होता है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि आप किस परिवार में, किस शरीर में और किस परिस्थितियों में जन्म लेते हैं? हिंदू धर्म का उत्तर है Read More

हिंदू धर्म की एक अद्भुत कथा (An Extraordinary Tale from Hinduism) हिंदू धर्म में भक्ति, संयम और भगवान की कृपा का महत्व अत्यंत महान है। कई कथाएँ हमें यह सिखाती हैं कि सच्ची भक्ति किसी भी संकट को टाल सकती है। ऐसी ही एक अद्भुत कथा है राजा अंबरीश और ऋषि दुर्वासा की, जो हमें Read More

हिन्दू धर्म का दर्शन संसार के सबसे प्राचीन और गहन विचारों में से एक है। इसके अनुसार यह सृष्टि केवल शरीरों की नहीं, बल्कि आत्माओं की यात्रा है। आत्मा न कभी जन्म लेती है, न मरती है — वह केवल योनि परिवर्तन करती है, यानी बार-बार जन्म और मृत्यु के चक्र से गुजरती है। कहा Read More

“मूल” शब्द का अर्थ होता है — जड़, मूल आधार, या किसी शुरुआत की जड़।वैदिक ज्योतिष में मूल नक्षत्र (Moola Nakshatra) 27 नक्षत्रों में 19वां नक्षत्र है, जो धनु राशि (Sagittarius) में 0°00′ से 13°20′ तक फैला हुआ है।इसका प्रतीक जड़ों का गुच्छा या हाथी का अंकुश है — जो गहराई, नियंत्रण और जड़ों तक Read More

भारत के इतिहास और पुराणों में कुछ घटनाएँ ऐसी हैं जो केवल धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि मानव स्वभाव की गहराई, प्रतिशोध की ज्वाला और करुणा की विजय का प्रतीक बन जाती हैं।ऐसी ही एक अद्भुत कथा है राजा जन्मेजय और उनके नागदाह यज्ञ की, जो महाभारत के आदिपर्व में वर्णित है। भगवान श्रीराम की बहन Read More

भारत की महानतम कथा रामायण में भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न चारों भाइयों के नाम तो हर कोई जानता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान श्रीराम की एक बहन भी थीं, जिनका नाम था शांता देवी (Shanta Devi)।उनकी कथा उतनी ही अद्भुत है जितनी रहस्यमयी, और उनकी भूमिका रामायण के आरंभ में Read More

भारतीय संस्कृति में प्रेम की कहानियाँ केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि धैर्य, निष्ठा और नियति के चमत्कार का प्रतीक होती हैं। इन्हीं कालजयी कथाओं में एक नाम आता है — शकुंतला और राजा दुष्यंत। यह केवल एक प्रेमकथा नहीं, बल्कि ऐसा अद्भुत संगम है जहाँ प्रेम, श्राप और पुनर्मिलन सब कुछ एक साथ बुना Read More

