
भारतीय सनातन परंपरा में शक्ति के अनेक स्वरूप पूजे जाते हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत विशिष्ट, साहसी और सामाजिक चेतना से जुड़ा स्वरूप हैं मां बहुचरा। बहुचरा माता केवल एक देवी नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मबल, साहस और आत्म-निर्णय की प्रतीक हैं। विशेष रूप से उन्हें हिजड़ा (किन्नर) समाज की मुख्य एवं सर्वोच्च देवी के Read More





