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गणेश अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र (Ganesha Ashtottara Shatnam Stotra)

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श्री गणेशाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र (श्री गणेश जी के 108 नामों का स्तोत्र) का नियमित जप भक्तों को अनेक लाभ प्रदान करता है। यह स्तोत्र विघ्नों को दूर करने, मन की एकाग्रता बढ़ाने और जीवन में समृद्धि लाने में सहायक माना जाता है। श्री गणेशाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र (Ganesha Ashtottara Shatnam Stotra) ।। श्रीगणेशाय नम: ।।यम उवाच गणेश हेरंब Read More

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गणेश अष्टोतर (Ganesh Ashtottara)

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श्री गणेश अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र भगवान गणेश के 108 पवित्र नामों की स्तुति है। यह स्तोत्र स्कंदपुराण के अनुसार शिवजी द्वारा त्रिपुरासुर के वध से पूर्व अपने पुत्र श्री गणेश की स्तुति के रूप में किया गया था।यह नाम भगवान के विभिन्न दिव्य स्वरूपों, गुणों और कार्यों को दर्शाते हैं – जैसे कि वे विघ्नों Read More

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गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (Gajendra Moksha Stotram)

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गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र वह दिव्य स्तुति है जो गजेन्द्र (हाथी का राजा) ने मगरमच्छ के चंगुल में फंसे हुए संकट की घड़ी में भगवान श्रीहरि विष्णु से की थी। गजेन्द्र अपने पूर्वजन्म के पुण्य संस्कारों और भगवद्भक्ति के बल से इस स्तोत्र का स्मरण करता है। इस स्तोत्र ने उसे न केवल संकट से उबारा Read More

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गंगा दशहरा स्तोत्र (Ganga Dussehra Stotra)

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“श्री गंगा दशहरा स्तोत्र” एक अत्यंत पुण्यदायी स्तोत्र है जो माँ गंगा की महिमा का गान करता है। यह स्तोत्र मुख्यतः गंगा दशहरा पर्व पर, या फिर किसी भी दिन माँ गंगा की कृपा प्राप्त करने हेतु पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र गंगा जी को ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, शुद्धता, मोक्ष और पापनाशिनी रूप में पूजता Read More

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माँ दुर्गा क्षमा स्तोत्र (Maa Durga Kshama Stotram)

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यह श्री दुर्गा क्षमापन स्तोत्र है, जो देवी के भक्त हैं उनके लिए देवी को प्रसन्न करने का इससे बड़ा न कोई स्तोत्र है, न काव्य। इस श्री दुर्गा क्षमापन स्तोत्र के माध्यम से देवी प्रसन्न होकर साधक के पाप, दोष, त्रुटियाँ क्षमा करके सभी मनोरथ पूर्ण करती हैं। लक्ष्मी गायत्री मंत्र (Lakshmi Gayatri Mantra) Read More

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कौपीन पंचकम (Kaupina Panchakam)

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कौपीन पंचकम् (Kaupīna Pañchakam) एक लघु लेकिन अत्यंत प्रभावशाली संस्कृत कविता है, जिसकी रचना आदि शंकराचार्य द्वारा की गई है। यह स्तोत्र पाँच श्लोकों का एक संकलन है, जो सन्यासी जीवन के वैराग्य, आत्मज्ञान और ब्रह्मानंद में लीन होने की महिमा का वर्णन करता है। इसका केंद्रबिंदु है कौपीन — अर्थात लंगोट — जो संन्यासी Read More

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केतु स्तोत्रम् (Ketu Stotram)

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वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों में से एक केतु ग्रह को रहस्यमय, आध्यात्मिक, और मोक्ष प्रदायक ग्रह माना गया है। केतु भले ही एक “छाया ग्रह” हो, लेकिन इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में अत्यंत गहरा और निर्णायक होता है। जब केतु कुंडली में अशुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को भ्रम, मानसिक तनाव, अचानक Read More

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कृष्ण स्तोत्र (Krishna Stotra)

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श्री कृष्ण स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तुति है, जो भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप, गुणों और ब्रह्मांडीय महिमा का वर्णन करती है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ साधक को आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। कृष्ण स्तोत्र (Krishna Stotra) त्वं ब्रह्म परमं धाम निरीहो निरहंकृतिः।निर्गुणश्च निराकारः साकारस्सगुणः स्वयम्॥ १ Read More

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कमला स्तोत्रम् (Kamala Stotram)

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यह लक्ष्मी स्तोत्र अत्यंत प्रभावशाली और भावपूर्ण है। इसमें देवी लक्ष्मी की व्यापक सत्ता, विविध रूपों, और उनके कृपालु स्वरूप का बहुत ही सुंदर वर्णन किया गया है। यह स्तोत्र न केवल उनके विविध स्थलों में रूपों का वर्णन करता है, बल्कि यह भी बताता है कि देवी संपूर्ण ब्रह्मांड की संचालनकर्ता हैं — सूर्य, Read More

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कूर्म स्तोत्रम् (Kurma Stotram)

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कूर्म स्तोत्रम् भगवान विष्णु के कूर्म (कछुए) अवतार की स्तुति में रचित एक पवित्र स्तोत्र है। यह स्तोत्र भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति, नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा और जीवन में स्थिरता प्रदान करने में सहायक माना जाता है। इन्द्राक्षी स्तोत्र (Indrakshi Stotra) भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत को स्थिर रखने के लिए Read More